Raigarh: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी व एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ी कार्रवाई की गई। यहां के दो गांवों में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में 30 लाख से ज्यादा के खाद्यान्न गायब मिले। मामले की जांच के बाद संचालन समूह की अध्यक्ष-सचिव को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि विक्रेता फरार है।
जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम ससकोबा और गनपतपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकानों में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में चावल, शक्कर और नमक की कमी सामने आई थी। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द में संबंधित संचालकों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की गई।
ससकोबा की दुकान से 12.89 लाख का राशन गायब
ग्रामीणों की शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने 03 सितंबर 2026 को जांच की। भौतिक सत्यापन में 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 क्विंटल शक्कर, 8.03 क्विंटल नमक कम पाया गया, जिनकी कीमत 12,89,375 रुपए आंकी गई।
फिंगर लगवाया मगर राशन नहीं दिया
जांच में यह भी सामने आया कि अगस्त 2026 में हितग्राहियों से ई-पॉस मशीन में फिंगर लगवाने के बाद उन्हें राशन वितरित नहीं किया गया। गांव के लोग इतने भोले हैं कि उन्होंने फिंगर लगा दिया मगर विक्रेता को तत्काल राशन देने के लिए नहीं कहा। अक्सर दुकान संचालक ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाते हैं कि बाद में राशन आएगा तो दे देंगे, मगर वे देते नहीं हैं। खाद्य विभाग की रिपोर्ट में इस कृत्य को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 व 7 के तहत दंडनीय बताया गया है।
गनपतपुर की दुकान में 18.86 लाख का घोटाला
इसी तरह ग्राम गनपतपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच में भी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी मिली। भौतिक सत्यापन में 704.93 क्विंटल चावल, 15.34 क्विंटल शक्कर और 31.98 क्विंटल नमक करीब 18,86,345 का खाद्यान्न कम पाया गया।
अध्यक्ष–सचिव पुलिस की गिरफ्त में
ग्राम ससकोबा के उपभोक्ता भंडार में हुए घोटाले की जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना धरमजयगढ़ में अपराध दर्ज कर संचालन एजेंसी सरोज स्व सहायता समूह की अध्यक्ष उमाबाई राठिया (45 साल), सचिव माधुरी बाई राठिया (44 साल) और विक्रेता बिहारी राठिया को मामले में आरोपी बनाया गया। चौकी रैरूमाखुर्द पुलिस ने उमाबाई राठिया और माधुरी बाई राठिया को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया है, वहीं विक्रेता बिहारी राठिया फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
इसी तरह गनपतपुर की दुकान की खाद्य विभाग की जांच में इसका संचालन जननी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज खान द्वारा किया जाना पाया गया। मामले में जांच प्रतिवेदन और पंचनामा के आधार पर शासकीय खाद्यान्न के गबन तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर वैधानिक कार्रवाई की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है।
दोनों मामलों में सामने आई अनियमितताओं को लेकर पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द (थाना धरमजयगढ़) में धारा 3,7 ई.सी. एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है। वहीं फरार आरोपी-सरोज स्व सहायता समूह के विक्रेता बिहारी राठिया निवासी ससकोबा तथा जननी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रूबीना खान, सचिव शाहिन खान और विक्रेता शहनवाज खान की गिरफ्तारी के लिए उनकी तलाश की जा रही है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. कितना घोटाला?
कुल ∼31.75 लाख — ससकोबा 12.89 लाख, गनपतपुर 18.86 लाख।
Q2. क्या कमी मिली?
ससकोबा में 499.65 क्विंटल चावल, 5.37 शक्कर, 8.03 नमक; गनपतपुर में 704.93 चावल, 15.34 शक्कर, 31.98 नमक।
Q3. तरीका क्या था?
अगस्त 2026 में हितग्राहियों से E-POS में फिंगर लगवाकर राशन नहीं दिया।
Q4. गिरफ्तार कौन?
ससकोबा की अध्यक्ष उमाबाई राठिया, सचिव माधुरी बाई राठिया गिरफ्तार, विक्रेता बिहारी फरार; गनपतपुर के रूबीना, शाहिन, शहनवाज फरार।
Q5. केस कहां दर्ज?
चौकी रैरूमाखुर्द, थाना धरमजयगढ़, EC Act धारा 3,7 और PDS आदेश 2016 के तहत।


