Indian CAPF paramilitarists standing in formation during a official event.
Ex-Agniveers to get 50 percent quota and exam exemptions in CAPF recruitment as announced by Home Ministry.

Ex Agniveers को सीएपीएफ भर्ती में आरक्षण देने को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को गृह मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। युवाओं को सुरक्षा बलों में स्थायी करियर का मौका देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत ‘पूर्व-अग्निवीर’ नाम से एक अलग कैटेगरी तैयार की गई है। इसमें न केवल 50 फीसदी सीटें आरक्षित रहेंगी, बल्कि उम्र सीमा में भी बड़ी राहत दी जाएगी। सामान्य पूर्व-अग्निवीरों को अधिकतम उम्र में 3 साल की छूट मिलेगी, जबकि पहले बैच के उम्मीदवारों को 5 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इसके अलावा, सीएपीएफ भर्ती के लिए आवेदन करने वाले पूर्व-अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा भी नहीं देनी होगी। उनके लिए गृह मंत्रालय के तहत एक खास ‘पूर्व-अग्निवीर विंग’ का गठन भी किया गया है।

भर्ती नियमों में बदलाव


इस फैसले की जमीन पहले ही तैयार की जा चुकी थी। गृह मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के भर्ती नियमों में संशोधन कर पूर्व-अग्निवीरों का कोटा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया था। इससे पहले मई में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने भी अपने नियमों में इसी तरह का बदलाव किया था। इसके तहत हर भर्ती साल में 50 प्रतिशत सीटें पूर्व-अग्निवीरों के लिए रखी जाएंगी, जबकि पूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत और कॉम्बैटाइज्ड ट्रेड्समैन के लिए 3 प्रतिशत जगह आरक्षित रहेगी।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का आधिकारिक बयान

लोकसभा में एक लिखित सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार पूर्व-अग्निवीरों के अनुभवों का पूरा फायदा उठाना चाहती है। उन्होंने बताया कि पूर्व-अग्निवीरों की आगे की पदोन्नति और उनके तालमेल को बेहतर बनाने के लिए गृह मंत्रालय के अंतर्गत विशेष ‘पूर्व-अग्निवीर विंग’ काम कर रहा है। हालांकि, अग्निवीरों का पहला बैच अभी अपनी चार साल की सेवा पूरी कर रहा है, लेकिन उससे पहले ही उनके पुनर्वास और नई नौकरियों का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है।

युवाओं और सुरक्षा बलों पर इस फैसले का असर

सरकार के इस कदम से अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में फैला असंतोष कम होने की उम्मीद है। 4 साल की सेवा के बाद बाहर निकलने वाले अग्निवीरों को सीएपीएफ में सीधी नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। चूंकि वे पहले से ही सैन्य ट्रेनिंग हासिल कर चुके होंगे, इसलिए उन्हें बिना किसी नए फिजिकल या रिटन टेस्ट के सीधे सीएपीएफ में शामिल किया जा सकेगा। इससे सुरक्षा बलों को पहले से ट्रेंड और अनुशासित जवान मिलेंगे, जिससे बलों की कार्यकुशलता और मजबूत होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

पूर्व अग्निवीरों को सीएपीएफ में कितना आरक्षण मिलेगा?

पूर्व अग्निवीरों को सीएपीएफ और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जीडी) और राइफलमैन पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

क्या पूर्व अग्निवीरों को सीएपीएफ भर्ती में शारीरिक परीक्षा देनी होगी?

नहीं, पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा से पूरी तरह छूट दी गई है।

पूर्व अग्निवीरों के लिए उम्र सीमा में कितनी छूट का प्रावधान है?

पूर्व अग्निवीरों को उम्र में 3 साल की छूट मिलेगी, जबकि पहले बैच के उम्मीदवारों को 5 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।

गृह मंत्रालय में ‘पूर्व अग्निवीर विंग’ क्यों बनाया गया है?

यह विंग पूर्व अग्निवीरों की नई नौकरियों में नियुक्ति, तालमेल और आगे की पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को संभालने का काम करेगा।

किन-किन सुरक्षा बलों के भर्ती नियमों में बदलाव हुआ है?

बीएसएफ और सीआरपीएफ सहित सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स के भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है।