A stressed student looking at a laptop screen surrounded by heavy college textbooks and career guide brochures
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5 Useless Courses Avoid in India: करियर की शुरुआत में गलत कोर्स चुनना आपके कई साल और लाखों रुपये पानी में डुबो सकता है। देश के शिक्षण संस्थानों में आज भी कई ऐसे ट्रेडिशनल कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं जिनकी प्रासंगिकता जॉब मार्केट में लगभग खत्म हो चुकी है।

बिना सोचे-समझे इन कोर्सेस में एडमिशन लेने वाले युवाओं को डिग्री मिलने के बाद दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं। आज के ऑटोमेटेड और एआई के दौर में केवल डिग्री काफी नहीं है, बल्कि कोर्स की ‘एम्प्लॉयबिलिटी’ मायने रखती है। आइए जानते हैं उन 5 लोकप्रिय लेकिन बेकार हो चुके कोर्सेस के बारे में जिनसे दूरी बनाना ही समझदारी है।

बिना स्किल के जनरल बीए

देश के एक बड़े हिस्से में छात्र आज भी बिना किसी खास स्पेशलाइजेशन के सामान्य बीए कोर्स चुनते हैं। पुरानी किताबों को रटने और केवल थ्योरी पढ़ने से कॉर्पोरेट सेक्टर में कोई नौकरी नहीं मिलती। जब तक इस डिग्री के साथ डिजिटल मार्केटिंग या डेटा एनालिसिस जैसी स्किल न जोड़ी जाए, तब तक यह केवल एक कागजी टुकड़ा बनकर रह जाती है।

प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन बिना जनरल बीकॉम

कॉमर्स के छात्रों में बीकॉम का क्रेज हमेशा से रहा है। लेकिन आज के एआई और ऑटोमेटेड दौर में सिर्फ बेसिक बीकॉम के भरोसे अकाउंटेंट की नौकरी मिलना बेहद मुश्किल है। जब तक छात्र सीए, सीएस या टैक्सेशन और फाइनेंशियल मॉडलिंग जैसे शॉर्ट-टर्म सर्टिफाइड कोर्स नहीं सीखते, तब तक यह डिग्री करियर के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है।

भारी-भरकम फीस वाले इवेंट मैनेजमेंट डिप्लोमा

फिल्मों और टीवी की चकाचौंध से प्रभावित होकर युवा इवेंट मैनेजमेंट में महंगे डिप्लोमा कोर्स चुन लेते हैं। इस इंडस्ट्री में कागजी डिग्री से ज्यादा आपके कॉन्टैक्ट्स, अनुभव और ऑन-ग्राउंड प्रेशर हैंडल करने की कला काम आती है। बिना प्रैक्टिकल अनुभव के केवल डिप्लोमा के सहारे इस क्षेत्र में टिक पाना लगभग नामुमकिन होता है।

बेसिक कंप्यूटर डिप्लोमा और ओ-लेवल

एक दौर था जब कंप्यूटर का सामान्य ज्ञान होना बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। लेकिन आज के डिजिटल युग में जब हर युवा गैजेट्स चलाना जानता है, तब केवल बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन या ओ-लेवल जैसे पुराने डिप्लोमा की वैल्यू शून्य हो चुकी है। कंपनियां अब बेसिक ज्ञान के बजाय कोडिंग और डेटा साइंस जैसी एडवांस्ड स्किल्स मांगती हैं।

डिजिटल स्किल के बिना मास कम्युनिकेशन
मीडिया के ग्लैमर से आकर्षित होकर लाखों युवा मास कम्युनिकेशन में उतरते हैं। कई संस्थान आज भी पुराना और पारंपरिक सिलेबस पढ़ा रहे हैं, जो आज के डिजिटल मीडिया और वीडियो एडिटिंग के दौर से मेल नहीं खाता। जब तक छात्रों को मल्टीमीडिया और सोशल मीडिया एल्गोरिदम की प्रैक्टिकल जानकारी न हो, तब तक इस फील्ड में टिकना मुश्किल होता है।

FAQs

  • किन कोर्सेस को करने से नौकरी मिलने में परेशानी होती है?
    बिना स्किल वाले जनरल बीए, बेसिक बीकॉम, इवेंट मैनेजमेंट डिप्लोमा, बेसिक कंप्यूटर डिप्लोमा और ट्रेडिशनल मास कम्युनिकेशन कोर्सेस से बचना चाहिए।
  • क्या केवल जनरल बीए की डिग्री से नौकरी मिल सकती है?
    नहीं, वर्तमान जॉब मार्केट में केवल थ्योरी आधारित सामान्य बीए की डिग्री से कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी मिलना बहुत कठिन है।
  • कॉमर्स के छात्रों के लिए कौन से स्किल जरूरी हैं?
    बेसिक बीकॉम के साथ सीए, सीएस, टैक्सेशन या फाइनेंशियल मॉडलिंग जैसे प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन होना जरूरी है।
  • क्या बेसिक कंप्यूटर डिप्लोमा की आज कोई मांग है?
    नहीं, आज के डिजिटल युग में केवल बेसिक कंप्यूटर या ओ-लेवल डिप्लोमा की वैल्यू लगभग खत्म हो चुकी है, कंपनियां एडवांस्ड स्किल्स मांगती हैं।
  • कोर्स चुनने से पहले क्या चेक करना चाहिए?
    किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने से पहले उसका प्लेसमेंट रिकॉर्ड और आज के जॉब मार्केट में उसकी प्रासंगिकता जरूर जांच लें।