Chetan Borgharia, the then OSD, arrested in the CGPSC paper leak case.
Chetan Borgharia, the then OSD, arrested in the CGPSC paper leak case.

CGPSC PAPER LEAK: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा में चयन और पर्चे के नाम पर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध वसूली हुई थी।

इसमें तत्कालीन ओएसडी के नाम और पद का दुरुपयोग किया गया था। वित्तीय जांच के दौरान उनके बैंक खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए 66.64 लाख रुपये नकद जमा होने का खुलासा हुआ है।

मैरिज पैलेस और रिसॉर्ट में बांटे गए थे लीक पर्चे

जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला केवल पैसों के लेनदेन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके लिए पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था। प्रारंभिक परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में इकट्ठा कर लीक प्रश्नपत्र बांटे गए थे। इसके बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को बारनवापारा अभयारण्य के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया था, जहां उन्हें लीक पेपर के आधार पर कोचिंग दी गई थी।

मोबाइल चैट और फिगरकेव कंपनी से जुड़े खुलासे

ईडी ने 1 सितंबर को चेतन बोर्घरिया के ठिकानों पर छापेमारी कर मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे। इनकी फोरेंसिक जांच में चेतन और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच पैसों के लेनदेन और रकम वापसी की मांग से जुड़ी बातचीत मिली है। इसके अलावा ‘फिगरकेव ई-कॉम प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं, जिसका इस्तेमाल रकम की लेयरिंग के लिए किए जाने का संदेह है।

सीबीआई चार्जशीट के बाद ईडी की कार्रवाई

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत रायपुर ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआईआर से हुई थी, जिसे बाद में सीबीआई ने अपने हाथ में लिया। सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट भी पेश कर दी है। इसी मामले में अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच कर रही ईडी ने डिजिटल साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर चेतन बोर्घरिया को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है।