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Bemetara Shami Ganesh Temple: 1300 साल पुराना मंदिर, जहां तांत्रिक विद्या से स्थापित हुए गणेश जी और परिसर में मौजूद हैं अनसुलझे शिलालेख

Bemetara Shami Ganesh Temple: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ में स्थित श्री सिद्ध शमी गणेश मंदिर आस्था, इतिहास और तांत्रिक साधना का एक दुर्लभ केंद्र है। इतिहासकारों के अनुसार इस 1300 साल पुराने अष्टकोणीय मंदिर की स्थापना 704 ईस्वी में नवागढ़ रियासत के राजा नरवर साय ने तांत्रिक पद्धतियों से कराई थी। मंदिर के […]

A view of the 1,300-year-old octagonal Shri Siddha Shami Ganesh Temple located in Nawagarh, Bemetara.
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Bemetara Shami Ganesh Temple: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ में स्थित श्री सिद्ध शमी गणेश मंदिर आस्था, इतिहास और तांत्रिक साधना का एक दुर्लभ केंद्र है। इतिहासकारों के अनुसार इस 1300 साल पुराने अष्टकोणीय मंदिर की स्थापना 704 ईस्वी में नवागढ़ रियासत के राजा नरवर साय ने तांत्रिक पद्धतियों से कराई थी।

मंदिर के ठीक सामने शनि देव के अवतार माने जाने वाले शमी वृक्ष का होना इसे पूरे भारत में अनोखा बनाता है, जहां गणपति और शमी पत्र के दर्शन से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

एक ही स्थान पर अष्टविनायक के दर्शन

इस मंदिर परिसर की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनूठी स्थापत्य कला है। शमी गणेश मंदिर के चारों ओर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध अष्टविनायक मंदिरों सिद्धितेक, गिरिजात्मज, चिंतामणि, महागणपति, वरद विनायक, मयूरेश्वर, बल्लालेश्वर और विघ्नेश्वर की आकृतियां स्थापित की गई हैं। इससे श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर आठों प्रमुख गणेश पीठों के दर्शन का पुण्य लाभ मिल जाता है।

अष्टकोणीय कुआं और अनसुलझे शिलालेख

बेमेतरा के इतिहासकार बसुबंधु दिवान के अनुसार, कल्चुरी शासकों के परवर्ती राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर का गर्भगृह और परिसर में मौजूद कुआं, दोनों ही अष्टकोणीय (आठ कोनों वाले) आकार में बने हैं। मंदिर परिसर में कई प्राचीन शिलालेख मौजूद हैं। हालांकि, इन शिलालेखों पर उकेरी गई लिपि और भाषा को आज तक कोई भी विद्वान पढ़ नहीं सका है।

1880 में जीर्णोद्धार और पूजा का इतिहास

इतिहास में उल्लेख मिलता है कि प्राचीन समय में यहां निरंतर यज्ञ, हवन और तांत्रिक सिद्धियों के अनुष्ठान होते थे। साल 1880 में मराठा सैनिकों और महाराष्ट्रीयन ब्राह्मणों ने इस मंदिर का पुनरुद्धार कराकर नियमित पूजा-अर्चना शुरू कराई थी। इसके बाद लगभग 20 साल पहले तत्कालीन पर्यटन मंत्री दयाल दास बघेल के प्रयासों से मंदिर का दोबारा जीर्णोद्धार किया गया।

बुनियादी सुविधाओं और विकास की मांग

गणेश चतुर्थी पर यहां 10 दिनों तक विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि, मंदिर तक पहुंचने वाली सड़कें बेहद संकरी हैं और यहां श्रद्धालुओं के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय पुजारियों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से इस ऐतिहासिक स्थल के सुंदरीकरण और सड़क चौड़ीकरण की मांग की है।

5 FAQs (प्रश्न और उत्तर):

प्रश्न: बेमेतरा का शमी गणेश मंदिर कितना पुराना है?

उत्तर: इतिहासकार बसुबंधु दिवान के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण 704 ईस्वी के आसपास हुआ था, जो इसे लगभग 1300 साल पुराना बनाता है।

प्रश्न: नवागढ़ के शमी गणेश मंदिर का निर्माण किसने कराया था?

उत्तर: मंदिर में मूर्ति की स्थापना नवागढ़ रियासत के राजा नरवर साय ने की थी और निर्माण कल्चुरी शासकों के परवर्ती राजाओं द्वारा कराया गया था।

प्रश्न: इस मंदिर को ‘शमी गणेश मंदिर’ क्यों कहा जाता है?

उत्तर: मंदिर के ठीक सामने शमी का वृक्ष विराजमान है, जिसे शनि देव का अवतार माना जाता है। भारत में ऐसा संगम दुर्लभ माना गया है।

प्रश्न: क्या मंदिर में महाराष्ट्र के अष्टविनायक दर्शन की व्यवस्था है?

उत्तर: हां, मंदिर के चारों ओर महाराष्ट्र के आठों सिद्ध गणेश मंदिरों (अष्टविनायक) की आकृतियां स्थापित की गई हैं।

प्रश्न: मंदिर परिसर में कौन सी अनसुलझी चीजें मौजूद हैं?

उत्तर: मंदिर और परिसर का कुआं अष्टकोणीय आकार का है तथा यहां कुछ प्राचीन शिलालेख मौजूद हैं, जिनकी लिपि अब तक नहीं पढ़ी जा सकी है।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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