EPS Pension Limit 2026: केंद्र सरकार ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने को मंजूरी दी है। सरकार के मुताबिक, इससे 51 लाख से ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आएंगे। इस फैसले से कर्मचारियों को PF के साथ Employees’ Pension Scheme यानी EPS का लाभ भी मिलेगा। सरकार पर इसका अनुमानित सालाना खर्च ₹11,339 करोड़ होगा।
नई व्यवस्था में ₹15,000 से ₹25,000 तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज में आएगा। सरकार ने इसे कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
कर्मचारी की सैलरी से कितना कटेगा?
EPS में पेंशन के लिए योगदान कर्मचारी की सैलरी से सीधे नहीं जाता। EPS में नियोक्ता के EPF योगदान का एक हिस्सा पेंशन फंड में जाता है। मौजूदा व्यवस्था में नियोक्ता के योगदान का 8.33% EPS के लिए निर्धारित है। केंद्र सरकार भी बजटीय सहायता देती है। इसलिए EPS के तहत पेंशन का लाभ मिलने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी से अलग से पेंशन की रकम काटी जाएगी। EPFO कवरेज और योगदान से जुड़े नियम योजना के प्रावधानों के अनुसार लागू होते हैं।
EPS में पेंशन कैसे कैलकुलेट होती है?
Employees’ Pension Scheme में पेंशन की गणना पेंशन योग्य सैलरी और पेंशन योग्य सेवा अवधि के आधार पर होती है। आपके दिए गए फॉर्मूले के मुताबिक:
मासिक पेंशन = पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सेवा के साल ÷ 70
20 साल या उससे अधिक की सेवा पर 2 साल का अतिरिक्त सर्विस वेटेज भी जोड़ा जाता है।
अब इसे ₹25,000 की बेसिक सैलरी और DA के उदाहरण से समझते हैं।
25 साल की उम्र में नौकरी शुरू की तो कितनी पेंशन?
मान लीजिए किसी कर्मचारी की उम्र 25 साल है और उसकी Basic + DA ₹25,000 है। अगर रिटायरमेंट की उम्र 58 साल मानी जाए, तो उसकी पेंशन योग्य सेवा 33 साल होगी।20 साल से ज्यादा सेवा होने के कारण इसमें 2 साल का अतिरिक्त सर्विस वेटेज जोड़ दिया जाएगा। इस तरह पेंशन के लिए सेवा अवधि 35 साल मानी जाएगी।
फॉर्मूले के हिसाब से
₹25,000 × 35 ÷ 70 = ₹12,500 प्रति माह
यानी दिए गए उदाहरण में अनुमानित मासिक पेंशन ₹12,500 होगी।
30 साल की उम्र में नौकरी शुरू की तो?
अब मान लीजिए कर्मचारी की उम्र 30 साल है और उसकी Basic + DA ₹25,000 है। 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट मानने पर उसकी पेंशन योग्य सेवा 28 साल होगी।इसमें 2 साल का अतिरिक्त सर्विस वेटेज जोड़ने पर कुल सेवा अवधि 30 साल हो जाएगी।
फॉर्मूले के मुताबिक
₹25,000 × 30 ÷ 70 = करीब ₹10,714 प्रति माह
यानी इस उदाहरण में अनुमानित मासिक पेंशन करीब ₹10,714 होगी।
51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा
सरकार के मुताबिक, वेतन सीमा बढ़ने से ₹15,000 से ₹25,000 के वेतन वर्ग में आने वाले 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आ सकते हैं। इससे उन्हें EPF, EPS और EDLI जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कवरेज मिलेगा। सरकार ने बताया है कि EPFO की वेतन सीमा सितंबर 2014 में ₹15,000 की गई थी। अब इसे बढ़ाकर ₹25,000 करने का फैसला लिया गया है। सरकार के अनुसार, यह बदलाव बढ़ती आय और औपचारिक रोजगार के विस्तार को देखते हुए किया गया है।
5 FAQs
1. EPFO की नई वेतन सीमा कितनी की गई है?
सरकार ने अनिवार्य EPFO कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने को मंजूरी दी है।
2. इस बदलाव से कितने कर्मचारियों को फायदा होगा?
सरकार के मुताबिक, 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज में आ सकते हैं।
3. EPS पेंशन का फॉर्मूला क्या है?
मासिक पेंशन = पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सेवा के साल ÷ 70.
4. ₹25,000 सैलरी और 35 साल की पेंशन योग्य सेवा पर कितनी पेंशन बनेगी?
दिए गए फॉर्मूले के आधार पर ₹25,000 × 35 ÷ 70 करने पर ₹12,500 मासिक पेंशन आती है।
5. 30 साल की उम्र में नौकरी शुरू करने पर कितनी पेंशन का अनुमान है?
58 साल की रिटायरमेंट उम्र और 2 साल के अतिरिक्त सर्विस वेटेज को मानते हुए 30 साल की कुल पेंशन योग्य सेवा पर करीब ₹10,714 मासिक पेंशन का अनुमान आता है।



